Goddestination

As-Saff

अस-सफ़

पंक्ति

14 ayahsMedinanहिन्दी

Now playing Watch on YouTube

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَـٰنِ ٱلرَّحِیمِ

बिस्मि अल्लाह अर-रहमान अर-रहीम

  1. 1 سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِی ٱلسَّمَـٰوَ ٰ⁠تِ وَمَا فِی ٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلۡعَزِیزُ ٱلۡحَكِیمُ

    सब्बाह लिल्लाहिह फ़े अस-समावा विश्वास ते वमा फ़े वहुव अल-अज़ीज़ अल-हकीम

    जो चीज़े आसमानों में है और जो चीज़े ज़मीन में हैं (सब) ख़ुदा की तस्बीह करती हैं और वह ग़ालिब हिकमत वाला है

  2. 2 یَـٰۤأَیُّهَا ٱلَّذِینَ ءَامَنُوا۟ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفۡعَلُونَ

    या अय्युहा अल्लाज़ीना अमेनुआ लेमा तक़ूलून तफ़अलूना

    ऐ ईमानदारों तुम ऐसी बातें क्यों कहा करते हो जो किया नहीं करते

  3. 3 كَبُرَ مَقۡتًا عِندَ ٱللَّهِ أَن تَقُولُوا۟ مَا لَا تَفۡعَلُونَ

    कबुरा मक़्तन एंदा अल्लाह अन तक़ूलू तफ़अलूना

    ख़ुदा के नज़दीक ये ग़ज़ब की बात है कि तुम ऐसी बात कहो जो करो नहीं

  4. 4 إِنَّ ٱللَّهَ یُحِبُّ ٱلَّذِینَ یُقَـٰتِلُونَ فِی سَبِیلِهِۦ صَفࣰّا كَأَنَّهُم بُنۡیَـٰنࣱ مَّرۡصُوصࣱ

    इन्ना अल्लाह यूहिब्बु अल्लाज़ीना यूक़ातिलून फ़े सबीलिहि सफ़्फ़न बुनियाँ मारसूस

    ख़ुदा तो उन लोगों से उलफ़त रखता है जो उसकी राह में इस तरह परा बाँध के लड़ते हैं कि गोया वह सीसा पिलाई हुई दीवारें हैं

  5. 5 وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦ یَـٰقَوۡمِ لِمَ تُؤۡذُونَنِی وَقَد تَّعۡلَمُونَ أَنِّی رَسُولُ ٱللَّهِ إِلَیۡكُمۡۖ فَلَمَّا زَاغُوۤا۟ أَزَاغَ ٱللَّهُ قُلُوبَهُمۡۚ وَٱللَّهُ لَا یَهۡدِی ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡفَـٰسِقِینَ

    वा इज़ क़ाला लेक़ौमिही या क़ौमि लेमा तुझूननी ता'लमून अन्नी रसूल अल्लाह फ़लम्मा ज़ागुआ अज़ागा अल्लाह क़ुलुबाहुम वल्लाहु अल-कौम अल-फ़ासिक़ीन

    और जब मूसा ने अपनी क़ौम से कहा कि भाइयों तुम मुझे क्यों अज़ीयत देते हो हालॉकि तुम तो जानते हो कि मैं तुम्हारे पास ख़ुदा का (भेजा हुआ) रसूल हूँ तो जब वह टेढ़े हुए तो ख़ुदा ने भी उनके दिलों को टेढ़ा ही रहने दिया और ख़ुदा बदकार लोगों को मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुँचाया करता

  6. 6 وَإِذۡ قَالَ عِیسَى ٱبۡنُ مَرۡیَمَ یَـٰبَنِیۤ إِسۡرَ ٰ⁠ۤءِیلَ إِنِّی رَسُولُ ٱللَّهِ إِلَیۡكُم مُّصَدِّقࣰا لِّمَا بَیۡنَ یَدَیَّ مِنَ ٱلتَّوۡرَىٰةِ وَمُبَشِّرَۢا بِرَسُولࣲ یَأۡتِی مِنۢ بَعۡدِی ٱسۡمُهُۥۤ أَحۡمَدُۖ فَلَمَّا جَاۤءَهُم بِٱلۡبَیِّنَـٰتِ قَالُوا۟ هَـٰذَا سِحۡرࣱ مُّبِینࣱ

    वा इज़ क़ाला ईसा इब्नु मरयम याबानी इस्रा विश्वास ईल इन्नी रसूल अल्लाह मुसद्दिक़ाँ लिमा बयना यदय्या मिन अत-तौरात वमुबश्शिरा बिरासुल याति बादि इसमुहु अहमद फ़लम्मा जाआहुम बेल-बय्यिनात हाज़ा सेहर मुबीन

    और (याद करो) जब मरियम के बेटे ईसा ने कहा ऐ बनी इसराइल मैं तुम्हारे पास ख़ुदा का भेजा हुआ (आया) हूँ (और जो किताब तौरेत मेरे सामने मौजूद है उसकी तसदीक़ करता हूँ और एक पैग़म्बर जिनका नाम अहमद होगा (और) मेरे बाद आएँगे उनकी ख़ुशख़बरी सुनाता हूँ जो जब वह (पैग़म्बर अहमद) उनके पास वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आया तो कहने लगे ये तो खुला हुआ जादू है

  7. 7 وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ وَهُوَ یُدۡعَىٰۤ إِلَى ٱلۡإِسۡلَـٰمِۚ وَٱللَّهُ لَا یَهۡدِی ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّـٰلِمِینَ

    अज़्लमु मेम्न इफ़्तरा अलै अल्लाह अल-कज़ीबा वहुव युदआ इला इस्लाम वल्लाहु अल-कौम अज़-ज़़ालिमीन

    और जो शख़्श इस्लाम की तरफ बुलाया जाए (और) वह कुबूल के बदले उलटा ख़ुदा पर झूठ (तूफान) जोड़े उससे बढ़ कर ज़ालिम और कौन होगा और ख़ुदा ज़ालिम लोगों को मंज़िले मक़सूद तक नहीं पहुँचाया करता

  8. 8 یُرِیدُونَ لِیُطۡفِـُٔوا۟ نُورَ ٱللَّهِ بِأَفۡوَ ٰ⁠هِهِمۡ وَٱللَّهُ مُتِمُّ نُورِهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡكَـٰفِرُونَ

    युरीदूना लेयुत्फिउआ नूर अल्लाह बेअफ़्व विश्वास हेहेम वल्लाहु मुतम्मिम नूरिही वलाउ करेह अल-काफिरून

    ये लोग अपने मुँह से (फूँक मारकर) ख़ुदा के नूर को बुझाना चाहते हैं हालॉकि ख़ुदा अपने नूर को पूरा करके रहेगा अगरचे कुफ्फ़ार बुरा ही (क्यों न) मानें

  9. 9 هُوَ ٱلَّذِیۤ أَرۡسَلَ رَسُولَهُۥ بِٱلۡهُدَىٰ وَدِینِ ٱلۡحَقِّ لِیُظۡهِرَهُۥ عَلَى ٱلدِّینِ كُلِّهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُشۡرِكُونَ

    हुव अरसल रसूलुहु बिल हुदा वेदिने अल-हक़्क़ी लेयुज़्हिरहु अलै अद-दीन कुल्लिही वलाउ करेह अल-मुश्रिकून

    वह वही है जिसने अपने रसूल को हिदायत और सच्चे दीन के साथ भेजा ताकि उसे और तमाम दीनों पर ग़ालिब करे अगरचे मुशरेकीन बुरा ही (क्यों न) माने

  10. 10 یَـٰۤأَیُّهَا ٱلَّذِینَ ءَامَنُوا۟ هَلۡ أَدُلُّكُمۡ عَلَىٰ تِجَـٰرَةࣲ تُنجِیكُم مِّنۡ عَذَابٍ أَلِیمࣲ

    या अय्युहा अल्लाज़ीना अमेनुआ हल अदुल्कुम अला तेजारत तुंजीकुम अज़ाबिन

    ऐ ईमानदारों क्या मैं नहीं ऐसी तिजारत बता दूँ जो तुमको (आख़ेरत के) दर्दनाक अज़ाब से निजात दे

  11. 11 تُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَتُجَـٰهِدُونَ فِی سَبِیلِ ٱللَّهِ بِأَمۡوَ ٰ⁠لِكُمۡ وَأَنفُسِكُمۡۚ ذَ ٰ⁠لِكُمۡ خَیۡرࣱ لَّكُمۡ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ

    तुमिनून बिल्लाही वेरासुलिहि वा तुजाहिदून फ़े सबील अल्लाह बेअमुआ विश्वास लेकुम वा अन्फुसिकुम ज़ा विश्वास लेकुम ख़ैर लाकुम इन तअलमून

    (वह ये है कि) ख़ुदा और उसके रसूल पर ईमान लाओ और अपने माल व जान से ख़ुदा की राह में जेहाद करो अगर तुम समझो तो यही तुम्हारे हक़ में बेहतर है

  12. 12 یَغۡفِرۡ لَكُمۡ ذُنُوبَكُمۡ وَیُدۡخِلۡكُمۡ جَنَّـٰتࣲ تَجۡرِی مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَـٰرُ وَمَسَـٰكِنَ طَیِّبَةࣰ فِی جَنَّـٰتِ عَدۡنࣲۚ ذَ ٰ⁠لِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِیمُ

    यग़फ़िर लकुम ज़ुनुबुकुम वयुधिल्कुम तजरी मिन तहतिहा अल-अन्हारु वमासिन तय्यिबा फ़े जन्नत ज़ा विश्वास लेका अल-फौज़ु अल-अज़ीम

    (ऐसा करोगे) तो वह भी इसके ऐवज़ में तुम्हारे गुनाह बख्श देगा और तुम्हें उन बाग़ों में दाख़िल करेगा जिनके नीचे नहरें जारी हैं और पाकीजा मकानात में (जगह देगा) जो जावेदानी बेहिश्त में हैं यही तो बड़ी कामयाबी है

  13. 13 وَأُخۡرَىٰ تُحِبُّونَهَاۖ نَصۡرࣱ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَتۡحࣱ قَرِیبࣱۗ وَبَشِّرِ ٱلۡمُؤۡمِنِینَ

    वा उख़्रा तुहिबुनाहा नस्र मिन अल्लाह वफ़थ उबश्शिर अल-मु'मिनीन

    और एक चीज़ जिसके तुम दिल दादा हो (यानि तुमको) ख़ुदा की तरफ से मदद (मिलेगी और अनक़रीब फतेह (होगी) और (ऐ रसूल) मोमिनीन को ख़ुशख़बरी (इसकी) दे दो

  14. 14 یَـٰۤأَیُّهَا ٱلَّذِینَ ءَامَنُوا۟ كُونُوۤا۟ أَنصَارَ ٱللَّهِ كَمَا قَالَ عِیسَى ٱبۡنُ مَرۡیَمَ لِلۡحَوَارِیِّـۧنَ مَنۡ أَنصَارِیۤ إِلَى ٱللَّهِۖ قَالَ ٱلۡحَوَارِیُّونَ نَحۡنُ أَنصَارُ ٱللَّهِۖ فَـَٔامَنَت طَّاۤىِٕفَةࣱ مِّنۢ بَنِیۤ إِسۡرَ ٰ⁠ۤءِیلَ وَكَفَرَت طَّاۤىِٕفَةࣱۖ فَأَیَّدۡنَا ٱلَّذِینَ ءَامَنُوا۟ عَلَىٰ عَدُوِّهِمۡ فَأَصۡبَحُوا۟ ظَـٰهِرِینَ

    या अय्युहा अल्लाज़ीना अमेनुआ कुनुआ अंसार अल्लाह क़ाला ईसा इब्नु मरयम लिल हवारिय्यीन अंसारी इला क़ाला अल-हवारिय्यून नह्नु अंसार फामानत ता'इफ़ा बनी इस्रा विश्वास ईल व कफ़रात फ़ाइय्यदना अल्लाज़ीना अमेनुआ अला अदुव्विहिम फ़ाअस्बहु ज़ाहिरीना

    ऐ ईमानदारों ख़ुदा के मददगार बन जाओ जिस तरह मरियम के बेटे ईसा ने हवारियों से कहा था कि (भला) ख़ुदा की तरफ (बुलाने में) मेरे मददगार कौन लोग हैं तो हवारीन बोल उठे थे कि हम ख़ुदा के अनसार हैं तो बनी इसराईल में से एक गिरोह (उन पर) ईमान लाया और एक गिरोह काफिर रहा, तो जो लोग ईमान लाए हमने उनको उनके दुशमनों के मुक़ाबले में मदद दी तो आख़िर वही ग़ालिब रहे

This surah in other languages