Goddestination

Al-Ghaashiya

अल-गाशिया

ढाँक लेने वाली

26 ayahsMeccanहिन्दी

Now playing Watch on YouTube

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَـٰنِ ٱلرَّحِیمِ

बिस्मि अल्लाह अर-रहमान अर-रहीम

  1. 1 هَلۡ أَتَىٰكَ حَدِیثُ ٱلۡغَـٰشِیَةِ

    हल अतियाका हदीस अल-गाशियाह

    भला तुमको ढाँप लेने वाली मुसीबत (क़यामत) का हाल मालुम हुआ है

  2. 2 وُجُوهࣱ یَوۡمَىِٕذٍ خَـٰشِعَةٌ

    वुजुह यौमैज़िन ख़ाशिया

    उस दिन बहुत से चेहरे ज़लील रूसवा होंगे

  3. 3 عَامِلَةࣱ نَّاصِبَةࣱ

    आमिला नासिबा

    (तौक़ व जंज़ीर से) मयक्क़त करने वाले

  4. 4 تَصۡلَىٰ نَارًا حَامِیَةࣰ

    तसला नारा हामियाह

    थके माँदे दहकती हुई आग में दाखिल होंगे

  5. 5 تُسۡقَىٰ مِنۡ عَیۡنٍ ءَانِیَةࣲ

    तुस्का ऐन अनिया

    उन्हें एक खौलते हुए चशमें का पानी पिलाया जाएगा

  6. 6 لَّیۡسَ لَهُمۡ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِیعࣲ

    लैस लाहुम तआम इल्ला मिन ज़रीअ

    ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं

  7. 7 لَّا یُسۡمِنُ وَلَا یُغۡنِی مِن جُوعࣲ

    ला युस्मिनु युग्नी मिन जू

    जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा

  8. 8 وُجُوهࣱ یَوۡمَىِٕذࣲ نَّاعِمَةࣱ

    वुजुह यौमाइज़ि नईमा

    (और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे

  9. 9 لِّسَعۡیِهَا رَاضِیَةࣱ

    लिसइहा

    अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान

  10. 10 فِی جَنَّةٍ عَالِیَةࣲ

    फ़े जन्नत आलिया

    एक आलीशान बाग़ में

  11. 11 لَّا تَسۡمَعُ فِیهَا لَـٰغِیَةࣰ

    ला तस्माउ फ़िहा लाग़िया

    वहाँ कोई लग़ो बात सुनेंगे ही नहीं

  12. 12 فِیهَا عَیۡنࣱ جَارِیَةࣱ

    फ़िहा ऐन जारिया

    उसमें चश्में जारी होंगें

  13. 13 فِیهَا سُرُرࣱ مَّرۡفُوعَةࣱ

    फ़िहा सुरुर मारफुआहुंग

    उसमें ऊँचे ऊँचे तख्त बिछे होंगे

  14. 14 وَأَكۡوَابࣱ مَّوۡضُوعَةࣱ

    वा अक्वाबुन मौज़ुआह

    और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे

  15. 15 وَنَمَارِقُ مَصۡفُوفَةࣱ

    वेनामारिक़ु मास्फुफाह

    और गाँव तकिए क़तार की क़तार लगे होंगे

  16. 16 وَزَرَابِیُّ مَبۡثُوثَةٌ

    वेज़राबिय्यु मब्सुसा

    और नफ़ीस मसनदे बिछी हुई

  17. 17 أَفَلَا یَنظُرُونَ إِلَى ٱلۡإِبِلِ كَیۡفَ خُلِقَتۡ

    अ-फा-ला यान्ज़ुरून इला अल-इबीली कैफ़ा खुलिकात

    तो क्या ये लोग ऊँट की तरह ग़ौर नहीं करते कि कैसा अजीब पैदा किया गया है

  18. 18 وَإِلَى ٱلسَّمَاۤءِ كَیۡفَ رُفِعَتۡ

    व इला अस-समा कैफ़ा रूफियत

    और आसमान की तरफ कि क्या बुलन्द बनाया गया है

  19. 19 وَإِلَى ٱلۡجِبَالِ كَیۡفَ نُصِبَتۡ

    व इला अल-जिबाल कैफ़ा नुसिबत

    और पहाड़ों की तरफ़ कि किस तरह खड़े किए गए हैं

  20. 20 وَإِلَى ٱلۡأَرۡضِ كَیۡفَ سُطِحَتۡ

    व इला अल-अर्द कैफ़ा सुतेहत

    और ज़मीन की तरफ कि किस तरह बिछायी गयी है

  21. 21 فَذَكِّرۡ إِنَّمَاۤ أَنتَ مُذَكِّرࣱ

    फ़ज़्किर इन्नामा अन्त मुज़क्किर

    तो तुम नसीहत करते रहो तुम तो बस नसीहत करने वाले हो

  22. 22 لَّسۡتَ عَلَیۡهِم بِمُصَیۡطِرٍ

    लास्त बिमुसय्टिर

    तुम कुछ उन पर दरोग़ा तो हो नहीं

  23. 23 إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ

    इल्ला मैन तवल्ला व कफ़रा

    हाँ जिसने मुँह फेर लिया

  24. 24 فَیُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَكۡبَرَ

    फ़युअज़्ज़िबु अल्लाह अल-अज़ाब अल-अकबर

    और न माना तो ख़ुदा उसको बहुत बड़े अज़ाब की सज़ा देगा

  25. 25 إِنَّ إِلَیۡنَاۤ إِیَابَهُمۡ

    इन्ना इलैना इयाबाहुम

    बेशक उनको हमारी तरफ़ लौट कर आना है

  26. 26 ثُمَّ إِنَّ عَلَیۡنَا حِسَابَهُم

    सुम्म इन्ना अलैना हिसाबहुम

    फिर उनका हिसाब हमारे ज़िम्मे है

This surah in other languages