Goddestination

Abasa

अबसा

उसने मुँह बनाया

42 ayahsMeccanहिन्दी

Now playing Watch on YouTube

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَـٰنِ ٱلرَّحِیمِ

बिस्मि अल्लाह अर-रहमान अर-रहीम

  1. 1 عَبَسَ وَتَوَلَّىٰۤ

    अबस वा तवल्ला

    वह अपनी बात पर चीं ब जबीं हो गया

  2. 2 أَن جَاۤءَهُ ٱلۡأَعۡمَىٰ

    अन जाआहु अल-आ'मा

    और मुँह फेर बैठा कि उसके पास नाबीना आ गया

  3. 3 وَمَا یُدۡرِیكَ لَعَلَّهُۥ یَزَّكَّىٰۤ

    वमा यूद्रिक ला'अलुहु यज़्ज़का

    और तुमको क्या मालूम यायद वह (तालीम से) पाकीज़गी हासिल करता

  4. 4 أَوۡ یَذَّكَّرُ فَتَنفَعَهُ ٱلذِّكۡرَىٰۤ

    औ यज़्ज़क्करु फ़तनफ़हु

    या वह नसीहत सुनता तो नसीहत उसके काम आती

  5. 5 أَمَّا مَنِ ٱسۡتَغۡنَىٰ

    अम्मा मनि

    तो जो कुछ परवाह नहीं करता

  6. 6 فَأَنتَ لَهُۥ تَصَدَّىٰ

    फा-अन-ता तसद्दा

    उसके तो तुम दरपै हो जाते हो हालॉकि अगर वह न सुधरे

  7. 7 وَمَا عَلَیۡكَ أَلَّا یَزَّكَّىٰ

    वमा अलैक अल्ला

    तो तुम ज़िम्मेदार नहीं

  8. 8 وَأَمَّا مَن جَاۤءَكَ یَسۡعَىٰ

    वा अम्मा मैन जाआका यसा

    और जो तुम्हारे पास लपकता हुआ आता है

  9. 9 وَهُوَ یَخۡشَىٰ

    वहुव यख़्शा

    और (ख़ुदा से) डरता है

  10. 10 فَأَنتَ عَنۡهُ تَلَهَّىٰ

    फा-अन-ता अन्हु तलह्या

    तो तुम उससे बेरूख़ी करते हो

  11. 11 كَلَّاۤ إِنَّهَا تَذۡكِرَةࣱ

    इन्नाहा तज़कीरा

    देखो ये (क़ुरान) तो सरासर नसीहत है

  12. 12 فَمَن شَاۤءَ ذَكَرَهُۥ

    फ़मान शा ज़कराहु

    तो जो चाहे इसे याद रखे

  13. 13 فِی صُحُفࣲ مُّكَرَّمَةࣲ

    फ़े सुहुफ़ मुकर्रमह

    (लौहे महफूज़ के) बहुत मोअज़ज़िज औराक़ में (लिखा हुआ) है

  14. 14 مَّرۡفُوعَةࣲ مُّطَهَّرَةِۭ

    मुताह्हारा

    बुलन्द मरतबा और पाक हैं

  15. 15 بِأَیۡدِی سَفَرَةࣲ

    बेयादी सफ़रह

    (ऐसे) लिखने वालों के हाथों में है

  16. 16 كِرَامِۭ بَرَرَةࣲ

    केरामि बररा

    जो बुज़ुर्ग नेकोकार हैं

  17. 17 قُتِلَ ٱلۡإِنسَـٰنُ مَاۤ أَكۡفَرَهُۥ

    कुतिल अल-इन्सान मा अक्फ़रुहु

    इन्सान हलाक हो जाए वह क्या कैसा नाशुक्रा है

  18. 18 مِنۡ أَیِّ شَیۡءٍ خَلَقَهُۥ

    अय्यि शै ख़लक़हु

    (ख़ुदा ने) उसे किस चीज़ से पैदा किया

  19. 19 مِن نُّطۡفَةٍ خَلَقَهُۥ فَقَدَّرَهُۥ

    मिन नुत्फा ख़लक़हु फ़क़दरहु

    नुत्फे से उसे पैदा किया फिर उसका अन्दाज़ा मुक़र्रर किया

  20. 20 ثُمَّ ٱلسَّبِیلَ یَسَّرَهُۥ

    सुम्म अस-सबील यस्सरहु

    फिर उसका रास्ता आसान कर दिया

  21. 21 ثُمَّ أَمَاتَهُۥ فَأَقۡبَرَهُۥ

    सुम्म अमाताहु फ़ाअक़्बरहु

    फिर उसे मौत दी फिर उसे कब्र में दफ़न कराया

  22. 22 ثُمَّ إِذَا شَاۤءَ أَنشَرَهُۥ

    सुम्म इज़ा शा अन्शरहु

    फिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा

  23. 23 كَلَّا لَمَّا یَقۡضِ مَاۤ أَمَرَهُۥ

    लम्मा याक़्ज़ि मा अमरहु

    सच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक्म उसे दिया उसने उसको पूरा न किया

  24. 24 فَلۡیَنظُرِ ٱلۡإِنسَـٰنُ إِلَىٰ طَعَامِهِۦۤ

    फलयन्ज़ुर अल-इन्सान इला ताआमिहि

    तो इन्सान को अपने घाटे ही तरफ ग़ौर करना चाहिए

  25. 25 أَنَّا صَبَبۡنَا ٱلۡمَاۤءَ صَبࣰّا

    अन्ना सबबना अल-मा सब्बान

    कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया

  26. 26 ثُمَّ شَقَقۡنَا ٱلۡأَرۡضَ شَقࣰّا

    सुम्म शक़्क़ना अल-अर्द शक्का

    फिर हम ही ने ज़मीन (दरख्त उगाकर) चीरी फाड़ी

  27. 27 فَأَنۢبَتۡنَا فِیهَا حَبࣰّا

    फ़ाअन्ब्तना फ़िहा हब्बन

    फिर हमने उसमें अनाज उगाया

  28. 28 وَعِنَبࣰا وَقَضۡبࣰا

    वा एनब वक़ज़्बा

    और अंगूर और तरकारियाँ

  29. 29 وَزَیۡتُونࣰا وَنَخۡلࣰا

    वज़यतूना वेनख्ला

    और ज़ैतून और खजूरें

  30. 30 وَحَدَاۤىِٕقَ غُلۡبࣰا

    वहदाईका ग़ुल्बन

    और घने घने बाग़ और मेवे

  31. 31 وَفَـٰكِهَةࣰ وَأَبࣰّا

    वफ़किहा वा अब्बान

    और चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे

  32. 32 مَّتَـٰعࣰا لَّكُمۡ وَلِأَنۡعَـٰمِكُمۡ

    मतान लाकुम वले आनामिकुम

    चारपायों के फायदे के लिए (बनाया)

  33. 33 فَإِذَا جَاۤءَتِ ٱلصَّاۤخَّةُ

    फ़ैज़ा जाआत अस-साख़ाह

    तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी

  34. 34 یَوۡمَ یَفِرُّ ٱلۡمَرۡءُ مِنۡ أَخِیهِ

    यौम याफिर्रु अल मार-उ अखिहि

    उस दिन आदमी अपने भाई

  35. 35 وَأُمِّهِۦ وَأَبِیهِ

    वा उम्मिहि वा बिहि

    और अपनी माँ और अपने बाप

  36. 36 وَصَـٰحِبَتِهِۦ وَبَنِیهِ

    वसाहिबतिहि वबनिहि

    और अपने लड़के बालों से भागेगा

  37. 37 لِكُلِّ ٱمۡرِئࣲ مِّنۡهُمۡ یَوۡمَىِٕذࣲ شَأۡنࣱ یُغۡنِیهِ

    ले कुल इम्रि मिन्हुम यौमाइज़ि शान युग्निहि

    उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों

  38. 38 وُجُوهࣱ یَوۡمَىِٕذࣲ مُّسۡفِرَةࣱ

    वुजुह यौमाइज़ि मुस्फ़िरा

    बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे

  39. 39 ضَاحِكَةࣱ مُّسۡتَبۡشِرَةࣱ

    ज़ाहिका मुस्तबशिरा

    ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)

  40. 40 وَوُجُوهࣱ یَوۡمَىِٕذٍ عَلَیۡهَا غَبَرَةࣱ

    ववुजुह यौमैज़िन अलय्हा ग़बरा

    और बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी

  41. 41 تَرۡهَقُهَا قَتَرَةٌ

    तर्हकुहा क़तरा

    उस पर सियाही छाई हुई होगी

  42. 42 أُو۟لَـٰۤىِٕكَ هُمُ ٱلۡكَفَرَةُ ٱلۡفَجَرَةُ

    उलाइक हम अल-कफ़रा अल-फजरा

    यही कुफ्फ़ार बदकार हैं

This surah in other languages